गीता का सबसे प्रसिद्ध श्लोक कौन सा है?
खोज के हिसाब से 2.47 और 4.7 सबसे आगे हैं: कर्मण्येवाधिकारस्ते, यानी तुम्हारा अधिकार कर्म पर है फल पर नहीं, और यदा यदा हि धर्मस्य, यानी धर्म घटने पर कृष्ण के आने का वचन।
भगवद गीता में कितने श्लोक हैं?
18 अध्याय और 700 श्लोक, उस पाठ के हिसाब से जिस पर शंकराचार्य ने भाष्य लिखा। गीता महाभारत के भीष्म पर्व का हिस्सा है।
गीता में कौन बोल रहा है?
ज़्यादातर कृष्ण, अर्जुन से। अर्जुन सवाल पूछता है, जैसे 6.34 में बेचैन मन के बारे में, और पूरी बातचीत संजय राजा धृतराष्ट्र को सुनाते हैं, जो 18.78 पर ख़त्म होती है।
कर्मण्येवाधिकारस्ते का अर्थ क्या है?
यह 2.47 की शुरुआत है: तुम्हारा अधिकार सिर्फ़ कर्म पर है, फल पर कभी नहीं। आगे श्लोक कहता है, फल को काम की वजह मत बनाओ, और काम न करने से भी मत चिपको।
मन की शांति के लिए गीता का कौन सा श्लोक पढ़ें?
2.66 कहता है कि जिसका मन स्थिर नहीं, उसे शांति नहीं मिलती, और शांति के बिना सुख कैसा। 6.35 तरीका बताता है: अभ्यास और वैराग्य।
क्या "जो हुआ अच्छा हुआ" गीता में है?
नहीं। यह "गीता सार" वाले पोस्टर की पंक्ति है, जो हिंदी में लिखा एक आधुनिक सार है। सबसे क़रीब असली श्लोक 2.11 है, जहाँ कृष्ण कहते हैं कि ज्ञानी न जीते हुओं का शोक करते हैं, न मरे हुओं का।