सत्त्वानुरूपा सर्वस्य श्रद्धा भवति भारत । श्रद्धामयोऽयं पुरुषो यो यच्छ्रद्धः स एव सः ॥
हिन्दी अनुवाद
हे भारत सभी मनुष्योंकी श्रद्धा अन्तःकरणके अनुरूप होती है । यह मनुष्य श्रद्धामय है । इसलिये जो जैसी श्रद्धावाला है, वही उसका स्वरूप है अर्थात् वही उसकी निष्ठा स्थिति है ॥
English
O Bharata, each person's trust matches their inner nature. A person is made of trust; whatever trust he holds, that is what he becomes.