अध्याय 10 · ईश्वर की विभूतियों का योग

विभूति योग

विभूतियाँ। जहाँ भी उत्कृष्टता है, बल, सौंदर्य, ज्ञान, कृष्ण उसका बीज हैं।

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Wisdom translation, edited by Ankur Shukla. Commentary AI-drafted, human-reviewed. Reviewed June 2026. Methodology →

Krishna describing his divine glories — Vibhuti Yoga
प्रथम श्लोक · 10.1
श्री भगवानुवाचभूय एव महाबाहो श्रृणु मे परमं वचः । यत्तेऽहं प्रीयमाणाय वक्ष्यामि हितकाम्यया ॥
श्रीभगवान् बोले हे महाबाहो अर्जुन मेरे परम वचनको तुम फिर भी सुनो, जिसे मैं तुम्हारे हितकी कामनासे कहूँगा क्योंकि तुम मेरेमें अत्यन्त प्रेम रखते हो ॥
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