अध्याय 14 · त्रिगुण-विभाग का योग

गुणत्रय विभाग योग

प्रकृति के तीन गुण: सत्त्व, रजस्, तमस्। हर उत्पन्न होने वाली वस्तु इन्हीं से बुनी।

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Wisdom translation, edited by Ankur Shukla. Commentary AI-drafted, human-reviewed. Reviewed June 2026. Methodology →

Krishna on the three modes of nature — the Gunas
प्रथम श्लोक · 14.1
श्री भगवानुवाचपरं भूयः प्रवक्ष्यामि ज्ञानानां ज्ञानमुत्तमम् । यज्ज्ञात्वा मुनयः सर्वे परां सिद्धिमितो गताः ॥
श्रीभगवान् बोले सम्पूर्ण ज्ञानोंमें उत्तम और पर ज्ञानको मैं फिर कहूँगा, जिसको जानकर सबकेसब मुनिलोग इस संसारसे मुक्त होकर परमसिद्धिको प्राप्त हो गये हैं ॥
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