- महाभारत में गीता कहाँ है?
- छठे पर्व, भीष्म पर्व में: पुणे के क्रिटिकल एडिशन में अध्याय 23 से 40, और नीलकंठ की टीका वाले पाठ में अध्याय 25 से 42।
- गीता कौन सुनाता है?
- संजय, अंधे राजा धृतराष्ट्र को। व्यासजी ने संजय को दूर से युद्ध देखने की दृष्टि दी थी, और अंत में संजय कहते हैं कि उन्होंने यह सब व्यासजी की कृपा से सुना (गीता 18.75)। संजय की बात के भीतर श्रीकृष्ण अर्जुन से बोलते हैं।
- कहानी में गीता कब कही जाती है?
- युद्ध की पहली सुबह, दोनों सेनाओं के बीच, लड़ाई शुरू होने से पहले। संजय इसे राजा को बाद में सुनाते हैं, दसवें दिन भीष्म के गिरने के बाद।
- गीता में कितने श्लोक हैं?
- शंकराचार्य और उनके बाद के टीकाकार जिस पाठ को मानते हैं, उसमें 18 अध्यायों में 700 श्लोक।
- क्या गीता बाद में जोड़ी गई?
- विद्वानों की राय अलग-अलग है। कुछ इसे युद्ध वाले पर्वों के साथ रचा मानते हैं, कुछ बाद में जोड़ा या बढ़ाया गया। परंपरा और टीकाकार इसे भीष्म पर्व में ही पढ़ते हैं, और युद्ध के बाद महाभारत खुद इसकी याद करता है (महाभारत 14.17.6)।
- क्या अर्जुन गीता भूल गए थे?
- वे खुद यही कहते हैं। युद्ध के बाद वे श्रीकृष्ण से कहते हैं कि बिखरे मन से वह सब छूट गया (महाभारत 14.17.6)। श्रीकृष्ण कहते हैं कि वे उसे फिर उसी तरह पूरा नहीं कह सकते (महाभारत 14.17.12), और अनुगीता सुनाते हैं।