शनैः शनैरुपरमेद् बुद्ध्या धृतिगृहीतया । आत्मसंस्थं मनः कृत्वा न किञ्चिदपि चिन्तयेत् ॥
हिन्दी अनुवाद
धैर्ययुक्त बुद्धिके द्वारा संसारसे धीरेधीरे उपराम हो जाय और परमात्मस्वरूपमें मनबुद्धि को सम्यक् प्रकारसे स्थापन करके फिर कुछ भी चिन्तन न करे ॥
English
Little by little, the mind should be quieted by steady discernment. Fix the mind in the true self and think of nothing else.