यदक्षरं वेदविदो वदन्तिविशन्ति यद्यतयो वीतरागाः । यदिच्छन्तो ब्रह्मचर्यं चरन्तितत्ते पदं संग्रहेण प्रवक्ष्ये ॥
हिन्दी अनुवाद
वेदवेत्ता लोग जिसको अक्षर कहते हैं, वीतराग यति जिसको प्राप्त करते हैं और साधक जिसकी प्राप्तिकी इच्छा करते हुए ब्रह्मचर्यका पालन करते हैं, वह पद मैं तेरे लिये संक्षेपसे कहूँगा ॥
English
I will briefly tell you that imperishable state, which the knowers of the Vedas call imperishable, which the detached ascetics enter, and which seekers follow through celibate discipline.