अक्षर ब्रह्म योग · श्लोक 15

भगवद् गीता 8.15

True arrival ends the need to come back.

मामुपेत्य पुनर्जन्म दुःखालयमशाश्वतम् । नाप्नुवन्ति महात्मानः संसिद्धिं परमां गताः ॥
हिन्दी अनुवाद
महात्मालोग मुझे प्राप्त करके दुःखालय और अशाश्वत पुनर्जन्मको प्राप्त नहीं होते क्योंकि वे परमसिद्धिको प्राप्त हो गये हैं अर्थात् उनको परम प्रेमकी प्राप्ति हो गयी है ॥
English
Great souls who reach me do not return to this painful, temporary cycle of birth.
विषय:mokshapunarjanmamahात्मa
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