कार्पण्यदोषोपहतस्वभावःपृच्छामि त्वां धर्मसंमूढचेताः । यच्छ्रेयः स्यान्निश्िचतं ब्रूहि तन्मेशिष्यस्तेऽहं शाधि मां त्वां प्रपन्नम् ॥
हिन्दी अनुवाद
कायरतारूपदोषसे तिरस्कृत स्वभाववाला और धर्मके विषयमें मोहित अन्तःकरणवाला मैं आपसे पूछता हूँ कि जो निश्चित कल्याण करनेवाली हो, वह मेरे लिये कहिये । मैं आपका शिष्य हूँ । आपके शरण हुए मुझे शिक्षा दीजिये ॥
English
My nature is overwhelmed by weakness, and my mind is confused about duty. I ask you: tell me with certainty what is best for me. I am your student; instruct me, for I have taken refuge in you.