सबते लघुताई भली, लघुता ते सब होय: अर्थ सहित

"सबते लघुताई भली, लघुता ते सब होय" कबीर का दोहा है। इसका अर्थ है: सबसे भली है विनम्रता, छोटेपन से सब होता है। दूज के चाँद को सब सिर झुकाते हैं। यह दोहा गायन परंपरा और लोकप्रिय संग्रह में मिलता है।

सबते भली, लघुता ते सब होय।जैसे का चन्द्रमा, शीश सब कोय॥

sabate laghutāī bhalī, laghutā te sab hoyjaise dūj kā candramā, śīś nave sab koy

सबसे भली है विनम्रता, छोटेपन से सब होता है। दूज के चाँद को सब सिर झुकाते हैं।

Humility is best, everything comes from it. Everyone bows to the slender second-day moon.

गायन परंपरा से

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शब्दार्थ

लघुताई
छोटापन, विनम्रता (humility)
दूज
अमावस के बाद का दूसरा दिन (second day of the moon)
नवे
झुकाए (bows)

यह दोहा कहाँ मिलता है

गायन परंपरा और लोकप्रिय संग्रह। यह दोहा कबीर ग्रंथावली या कविता-कौमुदी में इस रूप में नहीं मिला, पर लोक और भजन गायकी में कबीर के नाम से गाया जाता है। स्रोत पाठ

विषय: बोली और व्यवहार।

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लोग अक्सर पूछते हैं

"सबते लघुताई भली, लघुता ते सब होय" का अर्थ क्या है?

सबसे भली है विनम्रता, छोटेपन से सब होता है। दूज के चाँद को सब सिर झुकाते हैं।

यह दोहा किस संग्रह में है?

गायन परंपरा और लोकप्रिय संग्रह। कबीर के दोहे सदियों तक गाए गए, इसलिए शब्दों में थोड़ा फ़र्क मिल सकता है।

What does this doha mean in English?

Humility is best, everything comes from it. Everyone bows to the slender second-day moon.

स्रोत और तरीका

पाठ: Kabir Dohavali (Kavitakosh compilation)। टाइपिंग की गलती ठीक की गई: जौसे से जैसे। अर्थ और शब्दार्थ Wisdom के अपने हैं।

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