"बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर" कबीर का दोहा है। इसका अर्थ है: खजूर के पेड़ जैसा बड़ा होने से क्या फ़ायदा। न पंछी को छाया, न फल किसी की पहुँच में। यह दोहा कविता-कौमुदी भाग 1 (रामनरेश त्रिपाठी, 1917) में मिलता है।
बड़ाहुआतोक्याहुआजैसेपेड़।कोछायानहींफललागेदूर॥
baṛā huā to kyā huā jaise peṛ khajūrpaṁchī ko chāyā nahīṁ phal lāge ati dūr
खजूर के पेड़ जैसा बड़ा होने से क्या फ़ायदा। न पंछी को छाया, न फल किसी की पहुँच में।
What use is being tall like a date palm? No shade for birds, and its fruit hangs out of reach.