"माँगन मरण समान है, मति माँगो कोई भीख" कबीर का दोहा है। इसका अर्थ है: माँगना मरने जैसा है, किसी से भीख मत माँगो। माँगने से मरना अच्छा, यही गुरु की सीख है। यह दोहा गायन परंपरा और लोकप्रिय संग्रह में मिलता है।
समानहै,माँगोकोईभीख।सेतोमरनाभला,यहसतगुरुकी॥
māṁgan maraṇ samān hai, mati māṁgo koī bhīkhmāṁgan se to maranā bhalā, yah sataguru kī sīkh
माँगना मरने जैसा है, किसी से भीख मत माँगो। माँगने से मरना अच्छा, यही गुरु की सीख है।
Begging is like dying, so ask no one for alms. Better to die than to beg, the guru teaches.
गायन परंपरा और लोकप्रिय संग्रह। यह दोहा कबीर ग्रंथावली या कविता-कौमुदी में इस रूप में नहीं मिला, पर लोक और भजन गायकी में कबीर के नाम से गाया जाता है। स्रोत पाठ
विषय: सच और दिखावा।
एक पंक्ति रोज़ अपने साथ रखें
एक हफ़्ते तक रोज़ एक पंक्ति, आपकी बात के लिए, ईमेल पर।