करता था सो क्यों किया, अब कर क्यों पछिताय: अर्थ सहित
"करता था सो क्यों किया, अब कर क्यों पछिताय" कबीर का दोहा है। इसका अर्थ है: जो किया वह क्यों किया, अब पछताते क्यों हो। बबूल बोया है तो आम कहाँ से खाओगे। यह दोहा गायन परंपरा और लोकप्रिय संग्रह में मिलता है।
गायन परंपरा और लोकप्रिय संग्रह। यह दोहा कबीर ग्रंथावली या कविता-कौमुदी में इस रूप में नहीं मिला, पर लोक और भजन गायकी में कबीर के नाम से गाया जाता है। स्रोत पाठ
विषय: समय और जीवन।
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