करता था सो क्यों किया, अब कर क्यों पछिताय: अर्थ सहित

"करता था सो क्यों किया, अब कर क्यों पछिताय" कबीर का दोहा है। इसका अर्थ है: जो किया वह क्यों किया, अब पछताते क्यों हो। बबूल बोया है तो आम कहाँ से खाओगे। यह दोहा गायन परंपरा और लोकप्रिय संग्रह में मिलता है।

करता था सो क्यों किया, अब कर क्यों ।बोया पेड़ का, आम कहाँ से खाय॥

karatā thā so kyoṁ kiyā, ab kar kyoṁ pachitāyboyā peṛ babūl kā, ām kahāṁ se khāy

जो किया वह क्यों किया, अब पछताते क्यों हो। बबूल बोया है तो आम कहाँ से खाओगे।

Why do it, then regret it now? Plant a thorn tree and you will not eat mangoes.

गायन परंपरा से

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शब्दार्थ

पछिताय
पछताना (regret)
बबूल
काँटेदार पेड़ (thorny acacia)

यह दोहा कहाँ मिलता है

गायन परंपरा और लोकप्रिय संग्रह। यह दोहा कबीर ग्रंथावली या कविता-कौमुदी में इस रूप में नहीं मिला, पर लोक और भजन गायकी में कबीर के नाम से गाया जाता है। स्रोत पाठ

विषय: समय और जीवन।

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लोग अक्सर पूछते हैं

"करता था सो क्यों किया, अब कर क्यों पछिताय" का अर्थ क्या है?

जो किया वह क्यों किया, अब पछताते क्यों हो। बबूल बोया है तो आम कहाँ से खाओगे।

यह दोहा किस संग्रह में है?

गायन परंपरा और लोकप्रिय संग्रह। कबीर के दोहे सदियों तक गाए गए, इसलिए शब्दों में थोड़ा फ़र्क मिल सकता है।

What does this doha mean in English?

Why do it, then regret it now? Plant a thorn tree and you will not eat mangoes.

स्रोत और तरीका

पाठ: Kabir Dohavali (Kavitakosh compilation)। अर्थ और शब्दार्थ Wisdom के अपने हैं।

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