तस्मात्प्रणम्य प्रणिधाय कायंप्रसादये त्वामहमीशमीड्यम् । पितेव पुत्रस्य सखेव सख्युःप्रियः प्रियायार्हसि देव सोढुम् ॥
हिन्दी अनुवाद
इसलिये शरीरसे लम्बा पड़कर स्तुति करनेयोग्य आप ईश्वरको मैं प्रणाम करके प्रसन्न करना चाहता हूँ । जैसे पिता पुत्रके, मित्र मित्रके और पति पत्नीके अपमानको सह लेता है, ऐसे ही हे देव आप मेरे द्वारा किया गया अपमान सहनेमें समर्थ हैं ॥
English
Therefore, bowing down my body, I seek to please You, the worthy Lord of praise. Like a father bearing a son’s fault, a friend bearing a friend’s, or a lover bearing a beloved’s, You should forgive what I have done.