सिद्धिं प्राप्तो यथा ब्रह्म तथाप्नोति निबोध मे । समासेनैव कौन्तेय निष्ठा ज्ञानस्य या परा ॥
हिन्दी अनुवाद
हे कौन्तेय सिद्धिअन्तःकरणकी शुद्धि को प्राप्त हुआ साधक ब्रह्मको, जो कि ज्ञानकी परा निष्ठा है, जिस प्रकारसे प्राप्त होता है, उस प्रकारको तुम मुझसे संक्षेपमें ही समझो ॥
English
Listen to me briefly, O Arjuna, as I explain how one who has reached perfection attains the supreme reality, the highest culmination of knowledge.