अर्जुन विषाद योग · श्लोक 34

भगवद् गीता 1.34

Blood ties make victory feel like loss.

आचार्याः पितरः पुत्रास्तथैव च पितामहाः । मातुलाः श्चशुराः पौत्राः श्यालाः सम्बन्धिनस्तथा ॥
हिन्दी अनुवाद
आचार्य, पिता, पुत्र और उसी प्रकार पितामह, मामा, ससुर, पौत्र, साले तथा अन्य जितने भी सम्बन्धी हैं, मुझ पर प्रहार करने पर भी मैं इनको मारना नहीं चाहता, और हे मधुसूदन मुझे त्रिलोकी का राज्य मिलता हो, तो भी मैं इनको मारना नहीं चाहता, फिर पृथ्वी के लिये तो मैं इनको मारूँ ही क्या ॥
English
Teachers, fathers, sons, grandfathers, maternal uncles, fathers-in-law, grandsons, brothers-in-law, and other relatives.
विषय:kurukshetrafamily-relationsarjuna-grief
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