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शुभ
सुफल मनोरथ होहुँ तुम्हारे।रामु लखनु सुनि भए सुखारे॥अर्थ और प्रसंग
शुभ संकेत · मनोरथ सफल होगा · श्रीरामचरितमानस, बालकाण्ड · गुरु का आशीर्वाद · विश्वामित्र, राम-लक्ष्मण से
‘सुफल मनोरथ होहुँ तुम्हारे’ श्रीरामचरितमानस के बालकाण्ड की चौपाई है। राम और लक्ष्मण के लाए फूलों से पूजा करके गुरु विश्वामित्र दोनों भाइयों को आशीष देते हैं कि उनके मनोरथ सफल हों। श्रीराम शलाका प्रश्नावली में यह शुभ उत्तर है: आपका मनोरथ सफल होगा।
पूरी चौपाई
सुमन पाइ मुनि पूजा कीन्ही।पुनि असीस दुहु भाइन्ह दीन्ही॥
चौपाई श्रीरामचरितमानस के पाठ से है, और यह गीता प्रेस, गोरखपुर की मानस के साथ छपी श्रीराम शलाका प्रश्नावली के नौ उत्तरों में से एक है। अर्थ, प्रसंग और ‘आपसे क्या माँगती है’ Wisdom के अपने शब्द हैं, गीता प्रेस परंपरा की टीका के अनुसार।