राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम
शुभ
सुनु सिय सत्य असीस हमारी।पूजिहि मन कामना तुम्हारी॥अर्थ और प्रसंग
शुभ संकेत · कार्य सिद्ध होगा · श्रीरामचरितमानस, बालकाण्ड · पुष्पवाटिका · माँ गौरी, सीता जी से
‘सुनु सिय सत्य असीस हमारी’ श्रीरामचरितमानस के बालकाण्ड की चौपाई है। जनकपुर की पुष्पवाटिका में माँ गौरी सीता जी को यह आशीष देती हैं कि उनकी मनोकामना पूरी होगी। श्रीराम शलाका प्रश्नावली में यह शुभ उत्तर है: जो सच्चे मन से माँगा है, वह मिलेगा।
पूरी चौपाई
शलाका का उत्तर
सुनु सिय सत्य असीस हमारी।पूजिहि मन कामना तुम्हारी॥
sunu siya satya asīsa hamārī,pūjihi mana kāmanā tumhārī
हे सीता, हमारी सच्ची आशीष सुनो, तुम्हारी मनोकामना पूरी होगी।
Listen, Sita, my blessing is true: the wish in your heart will be fulfilled.
नारद बचन सदा सुचि साचा।सो बरु मिलिहि जाहिं मनु राचा॥
nārada bacana sadā suci sācā,so baru milihi jāhiṃ manu rācā
नारद जी के वचन सदा पवित्र और सच्चे हैं। जिस वर पर तुम्हारा मन रम गया है, वही तुम्हें मिलेगा।
Narada's words are always pure and true. The one your heart has settled on is the groom you will receive.
अर्थ
हे सीता, हमारी सच्ची आशीष सुनो, तुम्हारी मनोकामना पूरी होगी।
In English: Listen, Sita, my blessing is true: the wish in your heart will be fulfilled.
प्रसंग
जनकपुर की पुष्पवाटिका में सीता जी गौरी माँ के मंदिर गईं और मन ही मन श्रीराम को माँगा। माँ की मूर्ति मुस्कुराई, उसकी माला खिसक कर गिरी, और यह आशीष मिली।
In English: In Janakpur's garden, Sita went to Gauri's shrine and silently asked for Ram. The goddess smiled, her garland slipped down, and she gave this blessing.
यह चौपाई आपसे क्या माँगती है
जो आपने सच्चे मन से माँगा है, वह मिलेगा। अपनी प्रार्थना पर भरोसा रखें।
परंपरा में संकेत
शुभ संकेत · कार्य सिद्ध होगा
परंपरा में यह चौपाई शुभ उत्तर मानी जाती है: कार्य सिद्ध होने का संकेत।
चौपाई श्रीरामचरितमानस के पाठ से है, और यह गीता प्रेस, गोरखपुर की मानस के साथ छपी श्रीराम शलाका प्रश्नावली के नौ उत्तरों में से एक है। अर्थ, प्रसंग और ‘आपसे क्या माँगती है’ Wisdom के अपने शब्द हैं, गीता प्रेस परंपरा की टीका के अनुसार।