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संशय
होइहि सोइ जो राम रचि राखा।को करि तर्क बढ़ावै साखा॥अर्थ और प्रसंग
संशय · परिणाम प्रभु पर छोड़ें · श्रीरामचरितमानस, बालकाण्ड · सती का संशय · भगवान शिव
‘होइहि सोइ जो राम रचि राखा’ श्रीरामचरितमानस के बालकाण्ड की चौपाई है, जिसे भगवान शिव सती जी के संशय के समय कहते हैं: जो राम ने रच रखा है वही होगा। श्रीराम शलाका प्रश्नावली में यह संशय का उत्तर है: अपना काम करके परिणाम प्रभु पर छोड़ें।
पूरी चौपाई
शलाका का उत्तर
होइहि सोइ जो राम रचि राखा।को करि तर्क बढ़ावै साखा॥
hoihi soi jo rāma raci rākhā,ko kari tarka baṛhāvai sākhā
जो राम ने रच रखा है वही होगा। तर्क करके बात की शाखाएँ कौन बढ़ाए।
What Ram has ordained will come to pass. Why grow more branches by arguing?
अस कहि लगे जपन हरिनामा।गईं सती जहँ प्रभु सुखधामा॥
asa kahi lage japana harināmā,gaīṃ satī jahã prabhu sukhadhāmā
ऐसा कहकर शिव जी हरि का नाम जपने लगे, और सती जी वहाँ गईं जहाँ सुख के धाम प्रभु श्रीराम थे।
Saying this, Shiva began to chant Hari's name, and Sati went to where Ram, the home of joy, was.
अर्थ
जो राम ने रच रखा है वही होगा। तर्क करके बात की शाखाएँ कौन बढ़ाए।
In English: What Ram has ordained will come to pass. Why grow more branches by arguing?
प्रसंग
सती जी शिव जी के समझाने पर भी श्रीराम की परीक्षा लेने चली गईं। शिव जी ने तर्क छोड़ दिया, यह चौपाई कही, और राम-नाम जपने लगे।
In English: Sati went to test Ram although Shiva had advised against it. Shiva stopped arguing, said this, and turned to chanting Ram's name.
यह चौपाई आपसे क्या माँगती है
जो आपके हाथ में था, कर लिया। अब परिणाम से बहस न करें, प्रतीक्षा करें और नाम जपें।
परंपरा में संकेत
संशय · परिणाम प्रभु पर छोड़ें
परंपरा में इसे संशय का उत्तर माना जाता है: परिणाम अभी पक्का नहीं, सोच-समझकर चलें।
चौपाई श्रीरामचरितमानस के पाठ से है, और यह गीता प्रेस, गोरखपुर की मानस के साथ छपी श्रीराम शलाका प्रश्नावली के नौ उत्तरों में से एक है। अर्थ, प्रसंग और ‘आपसे क्या माँगती है’ Wisdom के अपने शब्द हैं, गीता प्रेस परंपरा की टीका के अनुसार।