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शुभ
मुद मंगलमय संत समाजू।जो जग जंगम तीरथराजू॥अर्थ और प्रसंग
शुभ संकेत · मंगल होगा · श्रीरामचरितमानस, बालकाण्ड · संत समाज की वंदना · गोस्वामी तुलसीदास
‘मुद मंगलमय संत समाजू’ श्रीरामचरितमानस के बालकाण्ड की चौपाई है, जिसमें तुलसीदास संतों के समाज को संसार में चलता-फिरता तीर्थराज प्रयाग कहते हैं। श्रीराम शलाका प्रश्नावली में यह शुभ उत्तर है: कार्य मंगलमय होगा, इसे अच्छे लोगों के साथ और उनकी सलाह से करें।
पूरी चौपाई
शलाका का उत्तर
मुद मंगलमय संत समाजू।जो जग जंगम तीरथराजू॥
muda maṃgalamaya saṃta samājū,jo jaga jaṃgama tīratharājū
संतों का समाज आनंद और मंगल से भरा है, जो संसार में चलता-फिरता तीर्थराज प्रयाग है।
The company of saints is joy and blessing itself, a Prayag that walks the earth.
राम भक्ति जहँ सुरसरि धारा।सरसइ ब्रह्म बिचार प्रचारा॥
चौपाई श्रीरामचरितमानस के पाठ से है, और यह गीता प्रेस, गोरखपुर की मानस के साथ छपी श्रीराम शलाका प्रश्नावली के नौ उत्तरों में से एक है। अर्थ, प्रसंग और ‘आपसे क्या माँगती है’ Wisdom के अपने शब्द हैं, गीता प्रेस परंपरा की टीका के अनुसार।