नासतो विद्यते भावो नाभावो विद्यते सतः । उभयोरपि दृष्टोऽन्तस्त्वनयोस्तत्त्वदर्शिभिः ॥
हिन्दी अनुवाद
टिप्पणी प0 55 असत् का तो भाव सत्ता विद्यमान नहीं है और सत् का अभाव विद्यमान नहीं है, तत्त्वदर्शी महापुरुषोंने इन दोनोंका ही अन्त अर्थात् तत्त्व देखा है ॥
English
The unreal has no being; the real has no nonbeing. Seers have understood the boundary of both.