अहं क्रतुरहं यज्ञः स्वधाऽहमहमौषधम् । मंत्रोऽहमहमेवाज्यमहमग्निरहं हुतम् ॥
हिन्दी अनुवाद
क्रतु मैं हूँ, यज्ञ मैं हूँ, स्वधा मैं हूँ, औषध मैं हूँ, मन्त्र मैं हूँ, घृत मैं हूँ, अग्नि मैं हूँ और हवनरूप क्रिया भी मैं हूँ । जाननेयोग्य पवित्र, ओंकार, ऋग्वेद, सामवेद और यजुर्वेद भी मैं ही हूँ । इस सम्पूर्ण जगत्का पिता, धाता, माता, पितामह, गति, भर्ता, प्रभु, साक्षी, निवास, आश्रय, सुहृद्, उत्पत्ति, प्रलय, स्थान, निधान तथा अविनाशी बीज भी मैं ही हूँ ॥
English
I am the sacrifice, I am the ritual, I am the offering, I am the herb, I am the mantra, I am the ghee, I am the fire, and I am the act of offering. I am the sacred syllable Om, the Vedas, the father, mother, supporter, grandfather, object of knowledge, purifier, and imperishable seed of this world.