आज का श्लोक · शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

भगवद् गीता 8.20

"What is deepest in reality cannot be destroyed by any ending."

परस्तस्मात्तु भावोऽन्योऽव्यक्तोऽव्यक्तात्सनातनः
यः सर्वेषु भूतेषु नश्यत्सु विनश्यति
हिन्दी अनुवाद
परन्तु उस अव्यक्त ब्रह्माजीके सूक्ष्मशरीर से अन्य अनादि सर्वश्रेष्ठ भावरूप जो अव्यक्त है, उसका सम्पूर्ण प्राणियोंके नष्ट होनेपर भी नाश नहीं होता ॥
English
Beyond that unmanifest is another, eternal unmanifest. Even when all beings perish, it does not perish.
रोज़ का श्लोक · ईमेल पर

हर सुबह — एक श्लोक, आपकी inbox में

संस्कृत, अर्थ, और एक-पंक्ति सार। कोई spam नहीं।

मुफ़्त · कोई spam नहीं · कभी भी बंद कर सकते हैं