आज का श्लोक · रविवार, 20 सितंबर 2026

भगवद् गीता 10.2

"Even the highest knowers stand inside the source they seek."

मे विदुः सुरगणाः प्रभवं महर्षयः
अहमादिर्हि देवानां महर्षीणां सर्वशः
हिन्दी अनुवाद
मेरे प्रकट होनेको न देवता जानते हैं और न महर्षि क्योंकि मैं सब प्रकारसे देवताओं और महर्षियोंका आदि हूँ ॥
English
The hosts of devas do not know my origin, nor do the great sages, for I am the beginning of the devas and the great sages in every way.
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