तेषां ज्ञानी नित्ययुक्त एकभक्ितर्विशिष्यते । प्रियो हि ज्ञानिनोऽत्यर्थमहं स च मम प्रियः ॥
Hindi · हिन्दी
उन चार भक्तोंमें मेरेमें निरन्तर लगा हुआ, अनन्यभक्तिवाला ज्ञानी अर्थात् प्रेमी भक्त श्रेष्ठ है क्योंकि ज्ञानी भक्तको मैं अत्यन्त प्रिय हूँ और वह भी मेरेको अत्यन्त प्रिय है ॥
English
Among those four, the wise devotee who is ever united and one-pointed is श्रेष्ठ. For I am exceedingly dear to the wise one, and the wise one is dear to me.