कस्माच्च ते न नमेरन्महात्मन्गरीयसे ब्रह्मणोऽप्यादिकर्त्रे । अनन्त देवेश जगन्निवासत्वमक्षरं सदसत्तत्परं यत् ॥
Hindi · हिन्दी
हे महात्मन् गुरुओंके भी गुरु और ब्रह्माके भी आदिकर्ता आपके लिये वे सिद्धगण नमस्कार क्यों नहीं करें क्योंकि हे अनन्त हे देवेश हे जगन्निवास आप अक्षरस्वरूप हैं आप सत् भी हैं, असत् भी हैं, और सत्असत् से पर भी जो कुछ है, वह भी आप ही हैं ॥
English
O great one, why would the perfected beings not bow to you, the greatest teacher, the first maker even of Brahma? Endless Lord of radiant beings, abode of the world, you are the imperishable, the real and the unreal, and beyond both.