अदृष्टपूर्वं हृषितोऽस्मि दृष्ट्वाभयेन च प्रव्यथितं मनो मे । तदेव मे दर्शय देव रूपंप्रसीद देवेश जगन्निवास ॥
Hindi · हिन्दी
मैंने ऐसा रुप पहले कभी नहीं देखा । इस रूपको देखकर मैं हर्षित हो रहा हूँ और साथहीसाथ भयसे मेरा मन अत्यन्त व्यथित हो रहा है । अतः आप मुझे अपने उसी देवरूपको सौम्य विष्णुरूपको दिखाइये । हे देवेश हे जगन्निवास आप प्रसन्न होइये ॥
English
I have never seen this form before. Seeing it, I am filled with joy, yet my mind is troubled by fear. Show me again your gentle divine form; be pleased, O Lord of lords, O dwelling of the world.